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बलराज हत्या मामले में 4 दिन बाद भी नहीं टूटी पुलिस की चुप्पी..!!

 



कौन है टीटू..?? क्या है अभिषेक कनेक्शन..क्या हुआ था उस रात जैसे कई सवाल..!!


शहडोल /अनूपपुर : तो क्या यह मानकर यह बात यहीं समाप्त कर दी जाए की बिहार के गरीब ट्रक चालक जिसका अनूपपुर शहडोल जिले में कोई नहीं उसे यहां न्याय भी नहीं मिलेगा... क्योंकि न्याय के लिए कानून के लंबे हाथ करोड़पती,अरबपति के गिरेबान तक कब पहुंचेंगे यह कहा नहीं जा सकता, तो वही इस मामले में अब चचाई पुलिस की जमकर किरकिरी हो रही है सवाल यह आ रहा है कि एफ एस एल की टीम ने क्या मुआयना किया शरीर पर बलराज के चोट क्यों थे और अभिषेक के साथ टीटू विश्नाथ जैसे जो अन्य नाम चर्चा में निकलकर सामने आए हैं उनकी क्या भूमिका थी मामले का मैनेजमेंट पेंड्रा से क्यों हो रहा है, पीएम रिपोर्ट बदलवाने की चर्चा क्यों निकाल कर सामने आई आम तौर पर मौत जैसे मामले पर इस प्रकार की चर्चाएं निकालकर कभी सामने नहीं आती ऐसे में पूंजीपति किस बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं टीटू को या फिर अभिषेक को बताया जाता है कि दोनों ही धन बल से समृद्ध है जिस वजह से बलराज की मौत से पर्दा चार दिन बाद भी नहीं उठ पाया है। नगर परिषद बरगवां के अध्यक्ष के भतीजे अभिषेक गुप्ता पर मारपीट कर हत्या करने के स्पष्ट आरोप लगे थे तो पुलिस ने इस मामले में छुपी साथ रखी है तो वहीं जन चर्चा में अब नया नाम निकलकर सामने आया है जो नाम शुरुआत के दो दिनों में भी कोयलांचल में गूंजा था जिसे रसूख के दम पर दबा दिया गया था जी हां हम चर्चा कर रहे हैं टीटू के विषय में जन चर्चा के अनुसार अभिषेक के साथ उसके सहयोगी टीटू, विश्वनाथ व अन्य लोग भी थे जिन्होंने ट्रक पर पत्थर मारा था और मारपीट की घटना को अंजाम दिया था, लेकिन पुलिस इन सब मुद्दों से भटक कर सिर्फ मीडिया को गुमराह करने का काम कर रही है, बताया यह भी जा रहा है कि हर विरोध के सुर को नोटों के बंडल के दम पर दबाने का प्रयास पूंजीपति रसूखदार कर रहे हैं लेकिन जनता का विश्वास अभी भी संवेदनशील ईमानदार युवा पुलिस कप्तान की ओर कायम है उन्हें उम्मीद है कि युवा पुलिस कप्तान गरीब चालक बलराज की मौत की मिस्ट्री को सुलझाएंगे और मीडिया के सामने पूरा मामला उजागर करेंगे।



किसने किसने की थी मारपीट 

पार्किंग को लेकर बलराज से मारपीट के स्पष्ट आरोप अभिषेक गुप्ता पर लगे थे तो वही कुछ और पूंजीपतियों रईसजादों के नाम भी मामले में निकलकर सामने आए, जिनमें कुछ ऐसे नाम चर्चे में आए जिन्होंने पंचायत में भ्रष्टाचार की पूर्व में इबारत लिख डाली थी, तो कुछ ऐसे भी नाम निकल कर सामने आए जिनका रसूख भी कथित भूरा सेठ से कम नहीं है, बताया जाता है कि अभिषेक के साथ टीटू भी मारपीट के दौरान वहां मौजूद था उसे पर भी मारपीट के आरोप लगे थे हालांकि टीटू के रसूख के लिए सामने कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं, लेकिन पुलिस ने जांच में अब तक इन लोगों को शामिल नहीं किया यह एक बड़ा सवाल है। ऐसे में एक और बड़ा सवाल निकालकर सामने आ रहा है की मुख्य चिकित्सक का नपा बरगवा से कनेक्शन है तो क्या इसी लिए ड्यूटी डाक्टर चोट को उल्टी दस्त बता रहें थे । 


प्लेन में बैठकर उड़नछू होने का इंतजार..

चार दिन बाद भी जब रईसजादों से पुलिस ने किसी प्रकार की पूछताछ व कार्यवाही को आगे नहीं बढ़ाई तब जन चर्चा इस प्रकार की उठ रही है कि कथित रईसजादा टीटू अभिषेक जिनके पास पासपोर्ट है यदि जांच में वह दोषी पाए गए और तब तक वे प्लेन में बैठकर उड़न छू हो गए तो क्या पुलिस हाथ मलती रह जाएगी और तब जो स्थानीय पुलिस की किरकिरी होगी उसका जिम्मेदार कौन होगा बताया जा रहा है कि कथित रसुखदारों ने इस बात की पूरी तैयारी कर रखी है कि यदि मामला हाथ से बाहर निकाल तो रईसजादों को प्लेन में बैठ कर विदेश रवाना कर देंगे।



पार्ट 05: टीटू विशेष.. ड्यूटी डाक्टर का क्या है नपा बरगवा से कनेक्शन !!निष्पक्षता पर सवाल??

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