SDM और तहसीलदार की नाक के नीचे रास्ता मिटाने का दावा, क्या ग्रामीणों के आरोपों पर जागेगा राजस्व विभाग?
जिस बिचारपुर की गाथा प्रधानमंत्री मोदी सात समंदर पार सुनाते नहीं थकते, आज वही 'मिनी ब्राजील' भू-माफियाओं के चंगुल में होने की बात ग्रामीण कह रहे हैं। जिला मुख्यालय के करीब स्थित इस गांव में दबंगों द्वारा रातों-रात सरकारी रसूख को ठेंगा दिखाकर आम रास्ता निगलने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। हैरत की बात यह है कि भारी-भरकम मशीनों से सड़क उखाड़ी गई, लेकिन कुंभकर्णी नींद में सोए SDM और तहसीलदार को इसकी भनक तक नहीं लगी। ग्रामीणों का सीधा सवाल है कि क्या प्रशासन ने भू-माफियाओं के सामने घुटने टेक दिए हैं?
शहडोल : जिला मुख्यालय से सटे ग्राम बिचारपुर में दबंगों का दुस्साहस इस कदर बढ़ गया है कि उन्होंने जनता के आने-जाने वाले मार्ग को पूरी तरह अस्तित्व विहीन कर दिया है। ग्रामीणों के मुताबिक, शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात जब गांव सो रहा था, तब हैवी मशीनों (पोकलैंड और जेसीबी) के जरिए खसरा नंबर 375/2/1/1/1/1 के पास अवैध प्लॉटिंग को लाभ पहुँचाने के लिए सड़क खोद डाली गई। ग्रामीणों ने प्रशासन को दी अपनी शिकायत में दावा किया है कि यह हमला सिर्फ मिट्टी पर नहीं, बल्कि उनके बुनियादी अधिकारों पर हुआ है।
प्रशासनिक तंत्र पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय SDM, तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक (RI) की भूमिका को लेकर ग्रामीणों ने गहरा संदेह व्यक्त किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी आंखों के सामने अवैध प्लॉटिंग का जाल बिछाया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं। पीड़ित जनता का कहना है कि क्या राजस्व अमले की मौन सहमति से ही भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं?
माफियाओं का पुराना इतिहास
बिचारपुर के ग्रामीणों का यह भी दावा है कि यहाँ भू-माफियाओं का आतंक कोई नई बात नहीं है। उन्होंने प्रशासन को बताया कि पूर्व में भी एक रेलवे कर्मचारी द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग को अंजाम देने की बात सामने आई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि आज भी वही तंत्र 'मिनी ब्राजील' के नाम पर रसूख के दम पर लोगों को जमीनें बेचकर गुमराह कर रहा है। ग्रामीणों ने सवाल किया है कि अगर काम वैध था, तो रात के अंधेरे में बुलडोजर क्यों चला?
न्याय के लिए भटकते ग्रामीण
प्रधानमंत्री के सपनों के गांव के निवासी आज सड़क की बहाली के लिए दर-दर भटक रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब रक्षक ही मौन हो जाएं, तो वे कहाँ जाएं? ग्रामीण पहले कोतवाली थाना पहुंचे और अब कलेक्टर से मिलकर दोषियों के खिलाफ सख्त 'बुलडोजर कार्रवाई' की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों को अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि अपना रास्ता वापस चाहिए।
गांव के गौरव पर हमला
बिचारपुर के ग्रामीणों के अनुसार, यह गांव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहडोल की पहचान है। फुटबॉल खेलने वाले बच्चों और स्थानीय लोगों का मानना है कि जिस मिट्टी ने देश को गौरव दिया, उसे माफिया तंत्र की भेंट चढ़ाया जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन अब भी नहीं जागा, तो 'मिनी ब्राजील' की यह वैश्विक साख हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।



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