Ticker

6/recent/ticker-posts

स्वास्तिक हेल्थ केयर के डॉ. पीयूष सिंह के खिलाफ बुढ़ार थाने में शिकायत, गलत इंजेक्शन से महिला की आँखों की रोशनी छीनने का आरोप



इलाज के नाम पर गुंडागर्दी: मरीज को तड़पता छोड़ भागे डॉक्टर, परिजन बोले- यमराज से कम नहीं स्वास्तिक का स्टाफ

डॉक्टर पीयूष सिंह ने आरोपों को बताया निराधार, बोले- 'सीरियस कंडीशन' में लाए थे मरीज, जान बचाने के लिए किया त्वरित इलाज

संपादक गजेंद्र परिहार की कलम से...

शहडोल/बुढ़ार। शहडोल जिले के बुढ़ार स्थित स्वास्तिक हेल्थ केयर अस्पताल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। अस्पताल के संचालक डॉ. पीयूष सिंह पर इलाज में घोर लापरवाही और मरीज के परिजनों के साथ अभद्रता करने के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रार्थी मनोहर लाल जगवानी ने बुढ़ार थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि डॉक्टर द्वारा बिना जांच के हाई डोज इंजेक्शन लगाने से उनकी पत्नी की आंखों की रोशनी चली गई है। मामले ने तूल पकड़ लिया है और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।


बिना जांच 'हिट एंड ट्रायल' का जानलेवा खेल

पीड़ित पक्ष के अनुसार, 11 फरवरी की शाम को वे अपनी पत्नी बबिता को लेकर अस्पताल पहुंचे थे। आरोप है कि डॉ. पीयूष सिंह ने बीमारी की जड़ पकड़ने के लिए कोई पैथोलॉजी जांच या रिपोर्ट का इंतजार नहीं किया और सीधे तीन इंजेक्शन मरीज को लगा दिए। यह इलाज नहीं, बल्कि मरीज की जान पर खेला गया एक जुआ था। इंजेक्शन लगते ही महिला की हालत बिगड़ गई और उन्हें दिखना बंद हो गया। चिकित्सा के नाम पर चल रही इस जल्दबाजी ने एक हंसते-खेलते परिवार को अंधेरे में धकेल दिया है।

"रात भर तुम्हारी सेवा नहीं करूँगा" - डॉक्टर के बोल

संवेदनहीनता की हद तब पार हो गई जब मरीज की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर ने हाथ खड़े कर दिए। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने डॉक्टर से सवाल किया, तो डॉ. पीयूष सिंह आगबबूला हो गए और अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे। उन्होंने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि "रात भर मैं तुम्हारी सेवा नहीं करता रहूँगा" और मरीज को तड़पता छोड़कर चले गए। धरती के भगवान कहे जाने वाले पेशे को कलंकित करने वाली इस घटना ने पूरे क्षेत्र में रोष पैदा कर दिया है।

पुलिस की चौखट पर न्याय की गुहार

घटना के बाद पीड़ित परिवार ने बुढ़ार थाने की शरण ली है। उन्होंने पुलिस को दिए आवेदन में स्पष्ट किया है कि डॉक्टर की लापरवाही से उनकी पत्नी को स्थाई शारीरिक क्षति पहुंची है। पुलिस ने आवेदन ले लिया है और मामले की जांच की जा रही है। अब देखना यह होगा कि रसूखदार डॉक्टर के खिलाफ पुलिस क्या कार्रवाई करती है।

इनका कहना है

"मरीज मेरे पास सीरियस कंडीशन में आये थे। जो भी उपचार त्वरित लाभ के लिए दिये जाने चाहिए थे, वे इंजेक्शन दिये गए। उन्होंने भर्ती करने के लिए पहले मना कर दिया, मेरे द्वारा सिटी स्कैन सजेस्ट किया गया था। बेहतर इलाज के लिए हमने थोड़ी समझाईश दी थी, हमारे द्वारा कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया। हमने समस्त इलाज उनके पर्चे में लिख दिया है। समस्त आरोप निराधार हैं।"

- डॉ. पीयूष सिंह, संचालक, स्वास्तिक हेल्थ केयर हॉस्पिटल, बुढ़ार


Post a Comment

0 Comments