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कप्तान की सख्ती को मातहतों का ठेंगा: लेदरा में 'कमांडो-मोनू' सिंडिकेट ने बिछाई नई बिसात, 25 हजार के बंधान में नतमस्तक हुआ सिस्टम!

 


खाकी का चोला, रेत का काला खेल: लकी, चुम्मन और लल्लन जैसे माफियाओं का नया आका बना 'कमांडो', गोहपारू से सोहागपुर तक सरेआम मची लूट!


सूत्र-15 हजार की एडवांस पेशगी, 20 हजार का मासिक नजराना: वसूलीबाजों के खौफ तले रेंग रहा खनिज विभाग, लेदरा में सरेआम चीरा जा रहा नदियों का सीना!


सवाल : कौन है करोड़पति कमांडो.. कैसे मिली वसूली की गद्दी क्यों बड़े अफसर मेहरबान


 शहडोल जिले में रेत माफिया नदियों का सीना बेखौफ चीर रहे हैं और जनचर्चाओं के अनुसार रक्षक ही भक्षक बनकर उनकी निगहबानी में जुटे हैं। सूत्रों का खुला दावा है कि सोहागपुर और गोहपारू थाना क्षेत्रों में खाकी के नुमाइंदे ही अघोषित अवैध खदानों का संचालन करा रहे हैं, जिसके आगे खनिज विभाग नतमस्तक और बेबस नजर आ रहा है। जब सिस्टम के सिपहसालार ही चंद रुपयों की खातिर माफियाओं के आगे घुटने टेक दें, तो कप्तान की सख्ती महज एक दिखावा साबित होती है। सोशल मीडिया पर उठते सवाल और चौक-चौराहों की चर्चाएं चीख-चीख कर गवाही दे रही हैं कि खाकी के भीतर बैठे वसूलीबाज किस कदर बेलगाम हो चुके हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सब डायरी सिस्टम का हिस्सा है, या फिर मातहतों को अब कप्तान का खौफ ही नहीं रहा।



शहडोल : शहडोल पुलिस अधीक्षक की सख्ती धरातल में ढेर होती दिख रही कारण बताया जा रहा चार दिनों से सोहागपुर और गोहपारू थाना क्षेत्र के बीच लेदरा नामक स्थान पर एक नई अघोषित रेत खदान का संचालन शुरू होना। सूत्रों का दावा है कि इस पूरे खेल में कथित वसूलीबाज 'कमांडो' की मुख्य भूमिका है। बताया जाता है कि गोहपारू में चुहरी नवाटोला पहले से ही 'मोनू' के संरक्षण में गुलजार था और अब लेदरा में यह नया गठजोड़ सामने आया है। चर्चाओं और सूत्रों के मुताबिक, गोहपारू इलाके में प्रति गाड़ी 15 हजार रुपये की एडवांस पेशगी उठाई जा रही है, जबकि सोहागपुर में उधारी पर भी गाड़ियां पार कराई जा रही हैं। सूत्र बताते हैं कि यह कमांडो सरेआम चौराहे पर दम भरता है कि उसे नीचे से लेकर ऊपर तक पूरा सिस्टम मैनेज करना पड़ता है, इसलिए खाकी बेबस है।





कौन है कमांडो,कैसे बना करोड़पति


खाकी की आड़ में दो नंबर की काली कमाई से यह कथित कमांडो आज करोड़पति बन बैठा है, ऐसी जनचर्चाएं शहर के नुक्कड़ों पर आम हैं। सूत्रों की मानें तो वसूली के पैसों से इसने जमीन का कारोबार कर करोड़ों की अकूत संपत्ति खड़ी कर ली है। बताया जाता है कि कप्तान की सख्ती को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए, इस खाकीधारी ने शहडोल शहर के लकी, चुम्मन और लल्लन के साथ-साथ श्रीपत और शेखलाल जैसे कथित रेत माफियाओं को खुला संरक्षण दे रखा है। जनचर्चा है कि पिछले तीन दिनों से यह अवैध कारोबार बेधड़क चल रहा है। यदि बंद पड़े खनिज नाकों और कोनी तिराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की निष्पक्ष जांच हो जाए, तो सूत्रों का दावा है कि इस पूरे काले कारोबार और माफियाओं के मूवमेंट की पोल आसानी से खुल सकती है।


लिफाफा चर्चा आम, जिम्मेदार खामोश


सूत्र बताते हैं कि इन अवैध खदानों से रेत निकालने के लिए मिनी ट्रकों से भारी भरकम रकम की वसूली की जा रही है। जनचर्चाओं के अनुसार, बुढार इलाके से जो मिनी ट्रक चोरी-छिपे रेत लेकर शहडोल पहुंचते हैं और यहां डंप कर अवैध रूप से बेचते हैं, उनसे भी मोटा नजराना लिया जा रहा है। सूत्रों का स्पष्ट दावा है कि शहडोल में इन ट्रकों को न रोकने और न टोकने के एवज में कमांडो द्वारा 10 हजार से 20 हजार रुपये का मासिक बंधान (नजराना) तय कर दिया गया है। बताया जाता है कि सब कुछ जानकर भी जिम्मेदार अनजान बने बैठे हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि पूरी कार्यवाही सिर्फ सोशल मीडिया पर खानापूर्ति तक सिमट कर रह गई है।


क्या सख्ती हवा-हवाई, वसूलीबाज मुस्तैद


बीते दिनों कप्तान ने नरवार, बिजौरी सहित अन्य क्षेत्रों में दबिश देकर भारी मात्रा में डंप रेत जब्त कराई थी, जिससे लगा था कि अब अवैध कारोबारियों पर लगाम कसेगी। लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसके ठीक विपरीत, उनके ही मातहत उनके मंसूबों पर पलीता लगा रहे हैं। जिले में हाल ही में फेरबदल की बयार चली, बताया जाता है कि देवलोंद के भदौरिया और सोहागपुर के पयासी जैसे कुछेक पर बड़े अधिकारियों की नजर पड़ी और कार्यवाही हुई, लेकिन गोहपारू में मोनू, सोहागपुर में कमांडो, जैतपुर में कृष्णा और बुढार में आशीष जैसे बहुचर्चित डायरी विशेषज्ञ पूर्णतः सुरक्षित रहे। जनचर्चा है कि इन असल वसूलीबाजों पर कार्यवाही न होना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि या तो सिस्टम पूरी तरह सेट है, या मातहतों में साहब की कार्यवाही का कोई डर नहीं बचा है।


इनका कहना है

मामले की जानकारी आपके माध्यम से संज्ञान में आई है, लेकिन खदानों में तो अभी पानी भरा है, रेत कैसे निकल सकती है?

(वसूली और लेदरा के संबंध में सवाल पूछने पर साहब की आवाज मोबाइल में रहस्यमयी ढंग से गोल हो गई।)

 राम नारायण सिंह रावत

थाना प्रभारी, सोहागपुर


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