शहडोल : अब बोलूंगा तो बोलोगे कि बोलता है लेकिन थोड़ा बोलने और पोल खोलने में हर्ज भी नहीं है, कुछ अच्छा करने में अगर दाग लगते हैं तो दाग अच्छे हैं लेकिन दाग इतने भी अच्छे नहीं की सीने से समेट कर पूरे शहर को दिखाएं। "कलेक्शन मास्टर" ने शैतानी दिमाग लगाया और ऐसा जुगाड़ का घोड़ा दौड़ाया, अखिलेश को दुर्गेश बनाया और 3 लाख कमाया.. अब धारा धारणा और धुरी बदल गई पुराने "कलेक्शन मास्टर" की किस्मत चमक गई विवेचक को 20 में सुलटाया, साहब को बहलाया फुसलाया... बड़ा मजा आया बड़ा मजा आया। दस साल वाला मामला 3 साल वाले में निपटाया ऐसे "कलेक्शन मास्टर" अपना जेब गरमाया। खैर कहां सुनी माफी अभी के लिए इतना काफी।

.jpg)
0 Comments