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बांधवगढ़ प्रबंधन की बेशर्मी: अपनी प्रशासनिक नाकामी का ठीकरा दिहाड़ी गाइड और चालकों पर फोड़ा

 



सुप्रीम कोर्ट के आदेश से 'खिलवाड़': रसूखदारों को मोबाइल की छूट और छोटे कर्मचारियों को नोटिस की मार


 बड़े साहबों की कुर्सी बचाने के लिए गरीबों की बलि, बांधवगढ़ में नियमों की धज्जियां उड़ा रहा खुद प्रबंधन


फील्ड डायरेक्टर से लेकर डिप्टी डायरेक्टर और पर्यटन रेंजर की घोर लापरवाही का खामियाजा अब बांधवगढ़ के छोटे कर्मचारी भुगत रहे हैं। जब सुप्रीम कोर्ट की स्पष्ट गाइडलाइन है कि मोबाइल पूर्णतः प्रतिबंधित है, तो ये जिम्मेदार अधिकारी गेट पर ही सघन जांच कर मोबाइल क्यों नहीं रुकवा पा रहे? क्या साहबों की कुर्सियां केवल रसूखदार पर्यटकों को खुश करने और गरीबों पर नोटिस थोंपने के लिए हैं? रेंजर और उच्चाधिकारियों की नाक के नीचे मोबाइल अंदर जा रहे हैं और बलि का बकरा दिहाड़ी पर काम करने वाले गाइड और चालकों को बनाया जा रहा है। अधिकारियों की इस प्रशासनिक विफलता ने अब एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है।



उमरिया: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन अपनी प्रशासनिक अक्षमता को ढंकने के लिए 'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे' की नीति पर उतर आया है। फील्ड डायरेक्टर से लेकर डिप्टी डायरेक्टर और पर्यटन रेंजर की घोर लापरवाही का खामियाजा अब बांधवगढ़ के छोटे कर्मचारी भुगत रहे हैं। जब सुप्रीम कोर्ट की स्पष्ट गाइडलाइन है कि मोबाइल पूर्णतः प्रतिबंधित है, तो ये जिम्मेदार अधिकारी गेट पर ही सघन जांच कर मोबाइल क्यों नहीं रुकवा पा रहे? क्या साहबों की कुर्सियां केवल रसूखदार पर्यटकों को खुश करने और गरीबों पर नोटिस थोंपने के लिए हैं? रेंजर और उच्चाधिकारियों की नाक के नीचे मोबाइल अंदर जा रहे हैं और बलि का बकरा दिहाड़ी पर काम करने वाले गाइड और चालकों को बनाया जा रहा है।

ताला पर्यटन अधिकारी का फरमान

कार्यालय पर्यटन अधिकारी, ताला द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार, वाहन चालक शरद यादव और गाइड प्रेमलाल यादव (नंबर 177) को 7 दिनों के लिए पार्क प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया गया है। आदेश में उल्लेख है कि 07 दिसंबर 2025 को सुबह की पारी में वाहन चालक शरद यादव पर्यटक वाहन (MP54T0899) चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करते पाए गए थे। ताज्जुब की बात यह है कि मोबाइल का उपयोग वाहन चालक कर रहा था, लेकिन गाज गाइड पर भी गिराई गई कि उसने रोका क्यों नहीं। प्रबंधन ने मध्य प्रदेश वन्यप्राणी संरक्षण नियम 1974 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन दोनों को 20 दिसंबर से 26 दिसंबर 2025 तक के लिए बैन कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट बनाम बीटीआर प्रबंधन

पूरा मामला तब हास्यास्पद हो जाता है जब सुप्रीम कोर्ट की स्पष्ट गाइडलाइन कहती है कि टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में मोबाइल फोन 'पूर्णतः प्रतिबंधित' रहेंगे। इसका अर्थ है कि मोबाइल गेट के बाहर ही जमा होने चाहिए। लेकिन बांधवगढ़ प्रबंधन अपनी सहूलियत के हिसाब से अदालत के आदेश की व्याख्या कर रहा है। प्रबंधन का फरमान है कि मोबाइल टोटल प्रतिबंधित नहीं रहेंगे, बल्कि केवल 'स्विच ऑफ' करके अंदर ले जाने की अनुमति होगी। यह सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना है, क्योंकि स्विच ऑफ के बहाने मोबाइल को अंदर ले जाने का रास्ता साफ किया जा रहा है, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा और निजता खतरे में पड़ रही है।

कमजोरों पर कार्रवाई का मखौल

प्रबंधन द्वारा गाइड और चालकों को दिया गया निर्देश पूरी तरह अव्यावहारिक है। क्या अब दिहाड़ी पर काम करने वाले ये कर्मचारी पर्यटकों की तलाशी लेंगे या उनके मोबाइल ऑन-ऑफ चेक करेंगे? एक साधारण गाइड या चालक में इतना सामर्थ्य नहीं होता कि वह किसी प्रभावशाली पर्यटक पर दबाव बना सके। यदि पर्यटक या चालक मोबाइल चालू रखता है, तो उसकी सजा गाइड को बैन के रूप में दी जा रही है, जो प्रबंधन की दिवालिया मानसिकता का प्रतीक है। रसूखदार होटल संचालकों और वीआईपी पर्यटकों के आगे नतमस्तक रहने वाला प्रशासन केवल छोटे कर्मचारियों पर रौब जमाना जानता है।

रसूख का खेल और साख पर बट्टा

सच्चाई यह है कि बांधवगढ़ प्रबंधन अपनी नाकामी का ठीकरा छोटे कर्मचारियों पर ठोंकने का कुत्सित प्रयास कर रहा है। नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और रसूखदारों को खुश करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ताक पर रखकर प्रबंधन अपनी मनमानी पर उतारू है। बड़े साहब दफ्तरों में बैठकर केवल नोटिस का खेल खेल रहे हैं, जबकि असली दोषी सिस्टम की ऊंची कुर्सियों पर बैठकर तमाशा देख रहे हैं। इस प्रशासनिक तानाशाही ने अब एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है जिससे बांधवगढ़ की साख दांव पर लगी है।

इनका कहना है 

माननीय सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार चुकी मोबाइल प्रतिबंधित है इसलिए अभी सिर्फ मौखिक समझाइश पर्यटकों दी गई है । पुरानी मोबाइल उपयोग के मामले में नोटिस दी गई थी नोटिस के उपरांत गाइड और जिप्सी को एक हफ्ते के लिए बैन किया गया है 

अंकित सोनी 

रेंज ऑफिसर पर्यटन

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