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शहडोल का शानदार आतिथ्य: राष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता का भव्य समापन, केरल ने जीता खिताब

 



कलेक्टर डॉ. केदार सिंह की 'परफेक्ट' प्लानिंग: खिलाड़ियों के लिए गर्म पानी से लेकर रूम हीटर तक के पुख्ता इंतजाम

देशभर के खिलाड़ियों ने माना शहडोल का लोहा; मेहमाननवाजी देख कोच बोले- 'अविस्मरणीय है यहाँ का अपनापन'

ठंड में अलाव और शुद्ध पकवानों का स्वाद; डॉ. केदार सिंह के नेतृत्व में शहडोल बना राष्ट्रीय खेल आयोजनों का नया गढ़

358 खिलाड़ियों का हुनर और 30 टीमों का संगम; खेल भावना के साथ शहडोल ने पेश की राष्ट्रीय एकता की मिसाल

गजेन्द्र सिंह परिहार की कव्हरेज रिपोर्ट

 शहडोल में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता न केवल खेल कौशल बल्कि अद्वितीय आतिथ्य के लिए भी इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने ऐसी 'वीआईपी' व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं कि देश के कोने-कोने से आए खिलाड़ी और कोच गदगद हो उठे। हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बीच मैदानों पर अलाव और हॉस्टलों में रूम हीटर से लेकर, नहाने के लिए गर्म पानी और शुद्ध गुणवत्तापूर्ण पकवानों की व्यवस्था ने शहडोल की छवि को देशभर में चमका दिया है। खुद खिलाड़ियों और कोचों ने स्वीकार किया कि इतनी सूक्ष्म और बेहतर प्लानिंग उन्होंने पहले कभी नहीं देखी, जिसका पूरा श्रेय जिला प्रशासन की सक्रियता को जाता है।





खिलाड़ियों के लिए 'होमली' फीलिंग और भव्य समापन

महात्मा गांधी स्टेडियम में आयोजित समापन समारोह के मुख्य अतिथि कुलगुरू प्रो. रामाशंकर ने खिलाड़ियों के अनुशासन की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय एकता का संगम बताया। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह की दूरगामी सोच का ही परिणाम था कि 19 से 23 दिसंबर तक चले इस खेल कुंभ में 30 राज्यों की टीमों के 358 खिलाड़ियों को कभी भी असुविधा का अहसास नहीं हुआ। प्रशासन ने डाइट परिसर, गुड शेफर्ड और इंदिरा गांधी महाविद्यालय जैसे केंद्रों पर ठहरने के ऐसे इंतजाम किए थे, जो किसी भी बड़े होटल की सुविधाओं को टक्कर दे रहे थे। कलेक्टर के निर्देश पर हर खिलाड़ी की सेहत और सुविधा का बारीकी से ध्यान रखा गया।



कोचों ने साझा किए आत्मीय अनुभव

प्रतियोगिता के दौरान जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों से आए कोचों ने खुले मन से शहडोल की व्यवस्थाओं का महिमा मंडन किया। चंडीगढ़ के सुनील कुमार और जम्मू-कश्मीर के भीम सेन ने भावुक होकर कहा कि यहाँ के लोग और प्रशासन का अपनापन कभी भुलाया नहीं जा सकता। झारखंड की प्रियंका कुमारी ने भोजन की गुणवत्ता और ठहरने की व्यवस्था को 'ए-वन' बताते हुए कहा कि शहडोल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने आत्मीयता के साथ अपने दायित्वों को निभाया। मैदान पर अलाव की गर्मी और हॉस्टल के कमरों में रूम हीटर की सुविधा ने खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए ऊर्जा प्रदान की।



मैदान पर केरल का कब्जा और सांस्कृतिक छटा

फाइनल मुकाबले में केरल की टीम ने महाराष्ट्र को हराकर जीत का परचम लहराया। मैच के दौरान रोमांच अपने चरम पर था, जहाँ खिलाड़ियों के सटीक निशाने और टीम वर्क ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समापन अवसर पर स्कूली बच्चों द्वारा दी गई रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने स्टेडियम में समां बांध दिया। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह और अन्य जनप्रतिनिधियों ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को शील्ड, मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। खेल ध्वज के अवतरण के साथ ही इस पांच दिवसीय महाकुंभ का समापन हुआ, जिसने शहडोल की मेजबानी को पूरे भारत में नई पहचान दी है।



प्रशासनिक मुस्तैदी की हर तरफ सराहना

आयोजन की सफलता के पीछे कलेक्टर डॉ. केदार सिंह की वह रणनीति रही, जिसके तहत खेल मैदानों से लेकर आवास स्थलों तक नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई थी। शुद्ध पेयजल, गर्म पानी की उपलब्धता और ठंड से बचाव के विशेष इंतजामों ने यह साबित कर दिया कि शहडोल बड़े से बड़े राष्ट्रीय आयोजनों को सफलता से आयोजित करने में सक्षम है। जिला शिक्षा अधिकारी, खेल विभाग और नगर पालिका की टीम ने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया, जिससे हर राज्य की टीम यहाँ से सुखद यादें लेकर विदा हुई। समापन कार्यक्रम में भारी जनसमूह और खेल प्रेमियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

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