इलाहाबाद-बनारस से शहडोल तक नशे की 'एक्सप्रेस': अयान-मोंटी के मायाजाल में बेबस हुआ सिस्टम, युवाओं की रगों में घुलता जहर!
शहडोल : जिले का बुढार और धनपुरी क्षेत्र इन दिनों नशे के सौदागरों की ऐशगाह बन गया है। अयान नाम का एक युवक इस पूरे इलाके में प्रतिबंधित कोरेक्स सिरप की सप्लाई का स्वयंभू 'किंग' बना बैठा है। यह युवक अपने खासमखास गुर्गे मोंटी के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर नशे का सामान परोस रहा है। इलाहाबाद और बनारस के रास्तों से कोरेक्स की खेप मंगवाकर कोयलांचल के युवाओं को नशे के दलदल में धकेला जा रहा है, जिससे पूरा क्षेत्र बर्बादी की कगार पर है।
पुलिसिया कार्यशैली पर सवाल
कोयलांचल का यह इलाका अब अवैध कारोबार का सुरक्षित गढ़ बनता जा रहा है। बुढार और धनपुरी पुलिस की नाक के नीचे कोरेक्स का यह नंगा नाच चल रहा है, लेकिन खाकी की रहस्यमयी चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आखिर क्या वजह है कि स्थानीय पुलिस इन चिन्हित तस्करों पर हाथ डालने से कतरा रही है? बड़े पैमाने पर हो रही इस तस्करी के बावजूद बुढार और धनपुरी पुलिस की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। ऐसा प्रतीत होता है कि कानून का इकबाल खत्म हो चुका है और तस्करों को किसी का खौफ नहीं रहा।
सिस्टम की संदिग्ध मेहरबानी
हैरानी की बात यह है कि प्रतिबंध के बावजूद अयान का नेटवर्क धड़ल्ले से फल-फूल रहा है और अब तक इन अपराधियों पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई। स्वास्थ्य मंत्री का गृह जिला और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला जैसे कद्दावर पालक मंत्री के प्रभार वाले जिले में नशे का ऐसा तांडव सिस्टम की मिलीभगत की ओर सीधा इशारा करता है। आखिर क्यों पुलिस इन सौदागरों पर इतनी मेहरबान है और किसके इशारे पर इस अवैध धंधे को फलने-फूलने दिया जा रहा है?
महाखुलासा में खुलेगी पोल
कोयलांचल में कोरेक्स का कारोबार जिस तेजी से फैल रहा है, वह प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा तमाचा है। इस पूरे सिंडिकेट और सिस्टम के भ्रष्ट रूट मैप को लेकर जल्द ही एक बड़ा खुलासा किया जाएगा। आखिर पुलिस की इस चुप्पी के पीछे का असली राज क्या है और इस तस्करी की जड़ें कहाँ तक फैली हैं, इसकी हर एक परत जनता के सामने रखी जाएगी। नशे के इन सौदागरों और उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ अब आर-पार की जंग तय है।

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