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शहडोल में कांग्रेस कौमी एकता प्रकोष्ठ का उपवास, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

 

शहडोल। जिला कांग्रेस कौमी एकता प्रकोष्ठ द्वारा मंगलवार को एक दिवसीय उपवास रखते हुए प्रयागराज में हुई घटना के विरोध में अपनी आवाज बुलंद की गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और मध्य प्रदेश कौमी एकता प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सच सलूजा के विशेष निर्देशों पर आयोजित इस कार्यक्रम का मार्गदर्शन जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय अवस्थी ने किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि धार्मिक गुरुओं का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसीलिए वे लामबंद होकर आज सड़कों पर उतरे हैं। यह पूरा आयोजन शहडोल कलेक्टर कार्यालय के समक्ष संपन्न हुआ जहाँ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी एकत्रित हुए थे। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन की यह कार्रवाई न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि यह पूरे समाज की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाने वाली है। कौमी एकता प्रकोष्ठ के इस प्रदर्शन ने जिले में राजनीतिक हलचल को काफी तेज कर दिया है क्योंकि इसमें युवाओं से लेकर वरिष्ठ नेताओं तक का भारी समर्थन देखा गया।


संतों के साथ अभद्रता का आरोप


विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने बताया कि माघ मेला प्रयागराज 2026 के पावन अवसर पर संगम स्नान करने जा रहे हिंदू धर्म गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके साथ मौजूद अन्य संतों के साथ स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन ने अभद्रता की है। यह गंभीर आरोप लगाया गया कि संतों के साथ न केवल दुर्व्यवहार हुआ बल्कि उनके साथ मारपीट जैसी संगीन वारदात को भी अंजाम दिया गया जो कि किसी भी सभ्य समाज के लिए अत्यंत निंदनीय कृत्य है। कांग्रेस का मानना है कि यह सब कुछ उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार के प्रत्यक्ष निर्देशन और शह पर किया गया है ताकि सनातन धर्म की आवाज उठाने वाले गुरुओं को डराया जा सके। संतों के साथ हुए इस कृत्य ने पूरे देश के धार्मिक संगठनों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है जिसके विरोध में आज शहडोल में भी व्यापक नाराजगी देखी गई। पार्टी ने इस पूरी घटना को लोकतंत्र और आस्था के लिए एक काला अध्याय करार देते हुए प्रशासन से इस पर जवाबदेही तय करने की पुरजोर मांग की है।

राष्ट्रपति से न्याय की मांग


इस अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति के नाम शहडोल कलेक्टर को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा गया जिसमें प्रयागराज के पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की अपील की गई है। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मांग उठाई है कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाना चाहिए क्योंकि वह कानून व्यवस्था और संतों की मर्यादा बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है। इसके साथ ही उन पुलिस ंदक प्रशासनिक अधिकारियों पर कड़ी दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है जिन्होंने संतों के साथ अभद्रता करने का दुस्साहस किया। कौमी एकता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सबी खान बंटी ने कहा कि यदि जल्द ही दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय अवस्थी ने भी जोर देकर कहा कि संतों का अपमान करना अब भाजपा की रीति-नीति बन चुकी है जिसे कांग्रेस पार्टी कतई स्वीकार नहीं करेगी।

उपस्थित प्रमुख कांग्रेस कार्यकर्ता


कार्यक्रम में मुख्य रूप से सबी खान बंटी, अजय अवस्थी, ब्लॉक अध्यक्ष सोहागपुर प्रीतम दास सोनी, पार्षद प्रभात पांडे, अनुज मिश्रा और नईम खान जैसे वरिष्ठ नेता सक्रिय रूप से शामिल रहे। इनके साथ ही शेख आबिद, आशीष तिवारी, सौरभ तिवारी, मोहसिन खान, मुशरान खान, अर्चना सिंह और सुखमंती सिंह ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सरकार विरोधी नारेबाजी कर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान आशुतोष शुक्ल, आशीष द्विवेदी, महेंद्र यादव, ओम साहू, दीपक चौधरी, रितेश झरिया, युग राजपूत, विपिन सिंह, सूरज सिंह और सुधांशु सिंह भी संतों के सम्मान में आगे आए। साथ ही सुरेश सिंह, पवन सिंह, निखिल चौधरी, कारण कुंडे, विशाल गुप्ता, ऋतिक बर्मन, रमेश सिंह, सागर बाबू, अंकित पनिका, बल्लू पनिका, शिवम् सिंह और कैलाश सिंह ने भी उपवास रखकर अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। अंत में सभी उपस्थित जनों ने एकजुट होकर राष्ट्रपति से न्याय की गुहार लगाई ताकि भविष्य में किसी भी धर्मगुरु के साथ ऐसी अपमानजनक स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो सके।


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