**कानून व्यवस्था तार-तार: विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस टीम पर गुंडों का दुस्साहस, टीआई के सिर पर आई गंभीर चोटें!**
**खाकी का पलटवार: पांच थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा, छह आरोपी गिरफ्तार, एक फरार की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश!**
**इंट्रो :**
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए अपराधियों ने खाकी पर ही जानलेवा हमला कर दिया है। ग्राम पटपरा में एक मामूली नाली विवाद के चलते सड़क जाम कर बैठे उपद्रवियों को समझाइश देना कमर्जी थाना प्रभारी इंद्राज सिंह को भारी पड़ गया। बेखौफ गुंडों ने दिनदहाड़े पुलिस टीम पर धारदार टांगी और हंसिए से हमला कर दिया। इस खौफनाक वारदात में थाना प्रभारी के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें लहूलुहान हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खाकी पर हुए इस दुस्साहसिक वार ने सीधे तौर पर पुलिस के इकबाल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना साबित करती है कि अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब रक्षक ही सुरक्षित नहीं रह गए हैं।
शहडोल : गजेंद्र परिहार
प्राप्त जानकारी के अनुसार सीधी जिले के कमर्जी थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात ने पूरे विंध्य क्षेत्र की कानून व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। पुलिस प्रशासन पर सरेआम हथियारों से हमला यह दर्शाता है कि असामाजिक तत्वों में पुलिस का कोई खौफ बाकी नहीं रह गया है। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विवाद सुलझाने गए अधिकारी को ही जान बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। हालांकि हमले के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पांच थानों का बल मौके पर झोंक दिया गया। आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए गए इस व्यापक अभियान ने जरूर पुलिस की साख बचाने का प्रयास किया है, लेकिन इस हमले की गूंज लंबे समय तक सुनाई देगी।
**विवाद और सड़क जाम**
ग्राम पटपरा में नाली निर्माण और सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण को लेकर दो पक्षों में लंबे समय से तनातनी चल रही थी। राजस्व विभाग की लापरवाही और शिकायतों पर कार्रवाई न होने से आक्रोशित एक पक्ष ने सड़क पर जाम लगा दिया। प्रशासन की इसी ढुलमुल कार्यप्रणाली ने एक छोटे से विवाद को बड़े बवाल में तब्दील कर दिया। जब हालात बेकाबू होने लगे, तब जाकर पुलिस को मौके पर भेजा गया। इसी जाम को खुलवाने और ग्रामीणों को समझाइश देने के लिए थाना प्रभारी इंद्राज सिंह अपने बल के साथ पहुंचे थे, जहां उन्हें इस हिंसक प्रतिरोध का सामना करना पड़ा।
**धारदार हथियारों से खूनी खेल**
शांतिपूर्ण समझाइश देने गए थाना प्रभारी को शायद ही इस बात का अंदाजा था कि उपद्रवी खून के प्यासे बैठे हैं। बातचीत के दौरान ही विवाद भड़क गया और भीड़ में शामिल गुंडों ने पुलिस बल पर धावा बोल दिया। आरोपियों ने टांगी और हंसिए जैसे धारदार हथियारों से सीधा हमला किया, जिसका मुख्य निशाना थाना प्रभारी इंद्राज सिंह बने। उनके सिर पर गंभीर और जानलेवा वार किए गए, जिससे वे मौके पर ही लहूलुहान हो गए। साथी पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उन्हें जानलेवा भीड़ से बाहर निकाला और डायल एक सौ बारह वाहन की मदद से तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
**पांच थानों की पुलिस का एक्शन**
थाना प्रभारी पर हमले की खबर जंगल में आग की तरह फैली और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सीधी पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देश पर तत्काल जमोड़ी, चुरहट, रामपुर नैकिन, अमिलिया और सेमरिया थानों की पुलिस को मौके पर रवाना किया गया। जमोड़ी थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी ने अपनी टीम के साथ सबसे पहले मोर्चा संभाला और उपद्रवियों को खदेड़ना शुरू किया। देखते ही देखते भारी पुलिस बल ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया। सभी थाना प्रभारियों और एसडीओपी की मुस्तैदी से हालात पर काबू पाया गया और आरोपियों की पहचान कर तत्काल गिरफ्तारी का अभियान शुरू किया गया।
**छह आरोपी गिरफ्तार और सख्त कार्रवाई**
पुलिस ने इस दुस्साहसिक हमले को चुनौती के रूप में लिया और नामजद आरोपियों पर शिकंजा कस दिया। दिनेश पटेल, सुनील पटेल, विनय पटेल, प्रीतम पटेल और नितेश पटेल सहित महिलाओं को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने स्पष्ट कर दिया है कि खाकी पर हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का सख्त रुख यह स्पष्ट संदेश दे रहा है कि कानून को हाथ में लेने वालों और पुलिस पर हमला करने वालों को अब सलाखों के पीछे ही अपनी जिंदगी
गुजारनी होगी।
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वीडियो :





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