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अवैध कारोबार, फेल सिस्टम के बीच क्या सूबे के मुखिया भांप पाएंगे सिस्टम का 'फील गुड' ड्रामा!



क्या गूंजेगा घुनघुटी बचाओ का नारा, मोहन लेंगे जंगलों की कटाई पर संज्ञान, लगेगा कार्पोरेट तानाशाही पर विराम??


 ब्यौहारी से सोहागपुर तक अवैध रेत और खेल की चर्चा, क्या दूरबीन से सीएम को दिखेंगी मैकी नवलपुर की खाइयां!


शहडोल में हांथी मरोत्सव, वन विभाग के विनियर घोटाला,वन सीसी सड़क की फाइलें क्या आएंगी सामने?


गोहपारू सोहागपुर रेत साम्राज्य, खाकी संचालक.. बेपटरी व्यवस्थाएं,आंख मूंदे प्रशासन ...??


इंट्रो:

सूबे के मुखिया मोहन यादव का कल शहडोल में बाणगंगा मेला मैदान में आगमन हो रहा है, जहां कई विकास कार्यों का लोकार्पण होना है। जन चर्चा है कि इस प्रशासनिक दिखावे के पीछे सुलगते सवालों की एक लंबी फेहरिस्त है जो सिस्टम की पोल खोलने के लिए बेताब है। पिछली बार सीएम के सामने गूंजे मुर्दाबाद के नारों के बाद तत्कालीन पुलिस कप्तान को भोपाल मुख्यालय संबद्ध किया गया था। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या वर्तमान प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था के पीछे का सच सीएम तक पहुंचेगा? बताया जाता है कि कथित भ्रष्ट अधिकारियों और बेलगाम माफियाओं ने शहडोल को लूट का चारागाह बना दिया है, जिसका असली लेखा-जोखा सीएम को शायद ही देखने मिले।


शहडोल:जिले में आला अधिकारियों की नाक के नीचे पनप रहे कथित भ्रष्टाचार और अवैध कारोबार ने सूचना तंत्र की धज्जियां उड़ा दी हैं। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर भले ही लाल कालीन बिछाए जा रहे हों, लेकिन धरातल पर आम जनता में गहरा रोष बताया जाता है। आरोप हैं कि स्थानीय स्तर पर वसूलीबाजों को अहम पदों पर बैठाकर काबिल अफसरों को किनारे कर दिया गया है। लोगों का कहना है कि प्रतिदिन लाखों-करोड़ों के वारे-न्यारे का कथित खेल खेला जा रहा है, और जिले का सारा सिस्टम सिर्फ सूबे के मुखिया को 'फील गुड' कराने की जुगत में लगा हुआ है।


खाकी के साये में फल-फूल रहा रेत माफिया 

बीते एक महीने में शहडोल से ब्यौहारी तक ताबड़तोड़ अवैध रेत उत्खनन की जन चर्चा है, जिसमें खाकी की कथित भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जाता है कि सुहागपुर और गोप्रो में बड़े अधिकारियों की नाक के नीचे कमांडो और मोनू का सिंडिकेट चल रहा है, वहीं नयाटोला और लेदरा में पयासी और विवेक जैसे माफिया सक्रिय बताए जाते हैं। सुहागपुर से निकलने वाले अवैध कोयले की खदानों को लेकर भी पुलिस की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। बताया जाता है कि सीएम के कार्यक्रम के लिए दिखावे के तौर सोहागपुर कमांडो और गोहपारू मोनू द्वारा 5 दिवसीय खनन बंद कराया गया है, जबकि पुलिस अपनी मूल जिम्मेदारी से कथित तौर पर भटक चुकी है।


उड़नखटोले से दिखेगी मौत की खाई और जीएनएस पीड़ितों का दर्द

बताया जा रहा है कि मैकी नवलपुर और अन्य स्थानों पर अवैध बोल्डर खनन के नाम पर 6 मीटर की जगह मौत नुमा खाई कई मीटर गहरी मौत की खाइयां खोद दी गई हैं, क्या सीएम साहब को हेलीकॉप्टर से यह स्थिति दिखेगी। दूसरी तरफ जीएनएस कंपनी द्वारा ठगे गए हजारों पीड़ित परिवारों की व्यथा भी जन चर्चा का विषय है, जो दर-दर भटक रहे हैं और पुलिस रेत कोयला में व्यस्त है । जैतपुर मौत हो या सोहागपुर का धंधा सबकी चर्चा है ,उन व्यापारियों का दर्द भी सिस्टम से सवाल कर रहा है, जिनके घरों पर भारी बरसात में बुलडोजर तो चला दिया गया, लेकिन आज तक वहां सड़क का निर्माण नहीं हुआ।


हाथी महोत्सव और वन विभाग में भ्रष्टाचार का कथित खुला खेल

हाथी महोत्सव के बीच बाणसागर क्षेत्र में हांथी की मौत ने वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जन चर्चा है कि प्रमाणित विनियर घोटाले की दबी फाइलें और वन सीसी सड़क निर्माण में कथित करोड़ों का भ्रष्टाचार अधिकारियों ने कुर्सी के मोह में दबा रखा है। बुढार रेंज में व्याप्त कथित अनियमितताओं को लेकर लोगों का कहना है कि जंगल माफियाओं के हवाले हैं और जिम्मेदार अधिकारी केवल तमाशा देख रहे हैं। क्या वन विभाग का यह पूरा लेखा-जोखा सीएम तक पहुंच पाएगा?


युवाओं का 'घुनघुटी बचाओ अभियान' और राजस्व के नाम पर मची कथित लूट

राजस्व विभाग की कथित अनदेखी के चलते शहडोल मुख्यालय और आसपास अवैध प्लाटिंग का मायाजाल बिछने और अधिकारियों की चुप्पी खैरिया सुभाष जैसे माफिया , और शासकीय अस्पताल में भी कथित वसूली के आरोप लग रहे हैं। इन सबके बीच 'घुनघुटी जंगल बचाओ अभियान' सबसे ज्यादा सुर्खियों में है। शहडोल के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, जेन जी और युवा वर्ग इस मुद्दे को प्रमुखता से सीएम तक पहुंचाने के लिए भरसक प्रयासरत हैं और इसे जमकर ट्रेंड करा रहे हैं। कोयला खदान खुलने से हजारों एकड़ जंगल बर्बाद होने की आशंका से युवाओं में भारी रोष है।अंदरखाने से खबर यह भी है की 31 पेज की फाइल में पूरा मामला कैद है।

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